समाचार

प्राकृतिक उत्पादों के प्रयोग से स्वरोजगार और प्रकृति संवर्द्धन संभव-विनोद जुगलान

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी मेहनत से पहचान बना चुके विनोद जुगलान का कहना है कि सामाजिक आयोजनों और सांस्कृतिक उत्सवों पर जब भी भोज का आयोजन हो,तो प्लास्टिक डिपोजल्स का प्रयोग  न करके उनके स्थान पर यदि प्राकृतिक उत्पाद जैसे पत्तों से निर्मित दोने पत्तल और कागज के कप और गिलास का प्रयोग किया जाय तो न केवल देव भूमि में हमारी सांस्कृतिक विरासत बची रहेगी बल्कि जहाँ एक ओर ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा,वहीँ दूसरी ओर शहरों में प्लास्टिक डिस्पोजल्स से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण- संवर्द्धन की दिशा में भी यह प्रयास सफल होगा। पर्यावरण आंदोलनकारी और सामाजिक कार्यों को गति दे रहे श्री जुगलान का कहना है कि हम पुनीत कार्यों पर एक पौधा रोपण कर उस कार्य को हमेशा के लिए जीवन्त कर सकते हैं यदि किसी के जन्मदिन पर पौधरोपित किया जाता है तो आपकी आयु के सामान वह पौधा भी बढ़ता जायेगा और आप दीर्घायु होंगे।उन्होंने कहा कि हम स्वजनों को भेंट के रूप में फलदार,छायादार और औषधीय पौधे प्रदान कर पर्यावरण में अपना योगदान दे सकते हैं।जो जीवनभर की याद बनकर समाज में आपके सुकृत्यों को गति प्रदान करेंगे। उन्होंने अपनी पूज्य माता स्मृतिशेष श्रीमती सत्यावती देवी अर्ध वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर पर आयोजित भोज में न केवल प्राकृतिक दोने पत्तल और कागज के गिलास प्रयोग किये बल्कि घर आये स्वजनों को पौधे भेंट किये।विदित हो कि स्वर्गीय सत्यावती जी का पर्यावण के संरक्षण में बड़ा योगदान था वह 86 वर्ष की आयु में भी वृक्षा रोपण करती रहीं।उनके द्वारा रोपित पौधे अब समाज के लिए प्रेरणा का श्रोत बने हुए हैं। सामुहिक भोज में पूर्व राज्य मन्त्री सच्चिदा नन्द शर्मा,अपर मुख्य सचिव ललित मोहन रयाल,जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ के एस राणा,समाज सेवी कुसुम जोशी, डॉ.डी.पी. रतूड़ी, के.पी.कण्डवाल,ग्राम प्रधान सरोप सिंह पुण्डीर,महावीर उपाध्याय,एडवोकेट कालिका प्रसाद जुगलान,पं.विनोद गैरोला,वेद किशोर,चन्दन सिंह नेगी,डॉ अनूप नवानी,कैलाश सिलस्वाल,जे पी राणाकोटि,राम प्रसाद,हरीश कण्डवाल,गुरुदेवरतन डंगवाल,टेक सिंह राणा,राजीव थपलियाल, संजीव चौहान,भगवान,पंकज जुगलान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

ऋषिकेश/ बिजली के बिल जमा करवाने में छूट रहे हैं पसीने बत्ती गुल

बिजली का बिल जमा करने को सैकड़ो की तादाद पंक्तियों में खड़े विद्युत उपभोक्ता,जमा कर्ता सिर्फ एक लिपिक। विभागीय कार्यालय में नही चल रहे पंखे।
मौके पर नही है कोई जिम्मेदार अधिकारी।नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में विभागीय कर्मचारी ने बताया कि बिजली न होने के कारण दिक्कत है ऑनलाइन बिल भुगतान में ब्रॉडबैंड की स्पीड बहुत धीमी है लोग आवाज उठायें तो हो सकता है हल।
हिमालय। जय ऊर्जा प्रदेश।
 
 
 
 
 

शोक समाचार,ऋषिकेश से-मानस मनीषी पण्डित गोपालाचार्य शास्त्री जी महाराज का 92 वर्ष की आयु में निधन

*शोक सूचना*
ऋषिकेश: उत्तराखंड के पौराणिक श्री दर्शन संस्कृत महाविद्यालय ट्रस्ट मुनिकीरेती के अध्यक्ष पंडित गोपालाचार्य शास्त्री महाराज 92 वे वर्ष का गुरुवार की सुबह निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। तीर्थनगरी व आसपास क्षेत्र में संस्कृत और रामायण प्रचार को लेकर पंडित गोपालाचार्य शास्त्री ने पिछले छह दशक से महत्वपूर्ण कार्य किए। श्री रामायण प्रचार समिति के वह संस्थापक थे। ऋषिकेश में ही उन्होंने तुलसी मानस मंदिर की भी स्थापना की थी ।संस्कृत के प्रखर विद्वानों की श्रेणी में उन्हें माना जाता था। श्रीमद् भागवत और रामायण सहित वेद उपनिषद व शास्त्रों का उन्हें अच्छा ज्ञान था। अपने पीछे वह भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पुत्रवधू व सभासद श्रीमती रीना शर्मा जी ने बताया कि तुलसी मानस मंदिर में उनके पार्थिव शरीर को दर्शनार्थ रखा गया है। शुक्रवार की सुबह गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।