शिवालिक ऋषिकुल,कैथल

शिवालिक ऋषिकुल,कैथल की स्थापना कैथल क्षेत्र में सनातन विज्ञानम् से अभिभूत कर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करके उन्हें चुनौतियों से लड़ने के लिए सक्षम बनाकर देश के लिए भावी कुशल प्रबन्धक तैयार करने के उद्देश्य से डा मनोज शर्मा ने ऋषिकेश से आकर स्वामी विवेकानन्द जयंति 12 जनवरी 1998 के दिन अम्बाला रोड बाई पास पर स्थित राजस्थानी लेबर बस्ती में एक संस्कार केंद्र से  की।
        तदोपरांत 1500 रूपये किराये के भवन में
प्राथमिक पाठशाला के रूप में शिवालिक ऋषिकुल का विधिवत आरम्भ 1 अप्रैल 1998 को शहर के प्राचीन हनुमान मंदिर के श्रीमहन्त राघवदास जी शास्त्री,प्रसिद्ध अधिवक्ता रणधीर सिंह राणा, आर के एस डी कालेज के प्रोफेसर डा.वी डी शर्मा ,स्टेट बैंक आफ इंडिया के मैनेजर प्रेमचन्द ,जयभगवान चंदाना ,राजू अग्रवाल अकाउंटेंट और आचार्य रामकुमार शर्मा जी अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया ।
     आज शिवालिक ऋषिकुल आस-पास के क्षेत्र में एक संस्कारवान विद्यालय के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। कैथल में सेक्टर 21 में जिमखाना क्लब के पीछे
ऋषिकुल का अपना स्थाई आकर्षक भवन उसमे श्रीगोपाल मंदिर सिद्धपीठ की स्थापना सदमार्ग परिवार के भविष्यगामी प्रकल्प का ही आधार लगता है।