हृदय से सम्मान/पहली बार नंगे पैर पदम् श्री अवार्ड

107 वर्ष की एक वृद्ध महिला जो चालीस वर्ष की उम्र में संतान न होने के कारण आत्म हत्या करने वाली थी परन्तु विचार त्याग कर जीवन जीने का एक लक्ष्य बनाया और कर्नाटक में चार किमी के एरिये में 8000 बरगद के पेड़ लगाये और उनको ही अपना बालक मानकर जीवन भर उन पेड़ो की सेवा कर उनको छाँव देने योग्य बनाया।
अपने स्वर्गवासी पति के साथ जीवन भर उन पोधो को पेड़ बनने तक रोज पानी पिलाकर अपना सारा जीवन पर्यावरण के नाम कर दिया।
क्या आपने इससे पहले आज तक किसी को नंगे पैर पदम् श्री अवार्ड लेते हुए देखा हे।
वास्तव में ऐसे लोगो को अवार्ड मिलते हे तो मन को प्रसन्नता होती हे की सरकार सही और हकदार लोगो को ही सम्मानित कर रही हे ताकि उस अवार्ड की गरिमा बनी रहे।

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