खरी खरी/सत्य और झूठ की राजनीति:गोवर्द्धन पटैरिया

कांग्रेस समेत सभी बीजेपी विरोधी दल नरेन्द्र मोदी की चतुराई और सजग राजनीति से भयभीत रहते हैं। मोदी के रहते हुए वे देश को और समाज को विखण्डित कर लूट नहीं पा रहे हैं।
हाँ, समाज में जाति, धर्म, लिंग, व्यवसाय जैसे विभिन्न विभेद उत्पन्न करके फूट डालना, तब उसी समाज पर राज करना और उसे लूटकर अपने घर भरना उन दलों का चरित्र ही रहा है।

मोदी समाज में एकता और सामञ्जस्य की बातें कर रहे हैं और वे लोग फूट और विरोध की बातें कर रहे हैं इसलिए जैसे भी हो, मोदी को हटाने का यत्न कर रहे हैं।

मोदी साम, दाम, दण्ड और भेद नीतियों के पारङ्गत खिलाड़ी हैं। इस कारण उनकी मोदी को परास्त करने की कोई भी योजना सफल नहीं हो पा रही है। इसके लिए वे सभी दल झूठ, छल, कपट, धूर्तता और हिंसा का मार्ग अपना रहे हैं।

बंगाल और केरल समेत देश के विभिन्न स्थानों पर हिंसा द्वारा समाज में भय उत्पन्न किया जा रहा है।

कांग्रेस का सरगना तो नित नए झूठ गढ़कर बीजेपी की अपकीर्ति फैलाने का यत्न कर रहा है। उसके अनुगामी और वह स्वयं विभिन्न अवसरों पर देश भर में ऐसी बातें करते फिर रहे हैं जिससे बीजेपी के कार्यकर्ता उत्तेजित हों और तब हिंसा फैलायी जा सके और दोष बीजेपी के ऊपर आरोपित किया जा सके।

ऐसा नहीं है कि मोदी को चतुर मानकर वे सब मोदी का विरोध कर रहे हैं। उन लोगों ने तो अटल बिहारी बाजपेयी जैसे सीधे सादे और अजातशत्रु राजनेता को भी संसद में उपहास करके तिरस्कृत किया था। केवल एक वोट से उनकी सरकार को गिरा दिया था। केवल प्याज की कृत्रिम मँहगाई खड़ी करके उनकी लोकप्रिय और विकासोन्मुखी सरकार को चुनाव में हरा दिया था।

ध्यान दीजिए कि कैसे कांग्रेस ने ताबूत घोटाले के झूठे आरोप लगाकर जार्ज फर्नांडीज को कलंकित कर संसद में उनका निरन्तर बहिष्कार किया था। संसद की कार्यवाही ही नहीं चलने दे रही थी। इस झूठ के बल पर कांग्रेस की सरकार भी बन गईं थी। बाद में न्यायालय ने जार्ज फर्नांडीज को निर्दोष पाया था।

ठीक वैसे ही अभी कांग्रेस राफेल के झूठे आरोप लगा कर नरेन्द्र मोदी की निष्कलंक छवि को धूमिल करने का यत्न कर रहीं हैं। वह मोदी की सबसे बड़ी शक्ति भ्रष्टाचार विरोध पर ही आक्रमण कर रही है। स्वयं तो हजारों करोड़ के नेशनल हैराल्ड प्रकरण में जमानत पर बाहर घूम रहा कांग्रेस अध्यक्ष कितनी निर्लज्जता से मोदी पर आरोप लगाए जा रहा है। वह ताबूत घोटाले की भाँति मोदी को आरोपित कर सत्ता हथियाना चाहता है। बाद में मोदी भले ही निर्दोष सिद्ध हो जाएँ। सरकार तो उसकी बन ही जाएगी।

श्री बाजपेयी ने भारत के विकास की एक अद्भुत कार्ययोजना तैयार की थी। उस योजना के सम्बन्ध में जनता में सम्भ्रम फैलाकर इंडिया शाइनिंग के स्वप्न को चकनाचूर कर यूपीए ने सत्ता हथिया ली थी। और दस वर्षों तक देश को निर्ममता से लूटा था।

ऐसा ही कुछ खेल वे मोदी के साथ खेल रहे हैं।

मनमोहन सिंह अपनी सरकार में सब कुछ करते हुए भी अपने आपको अकर्त्ता मानते थे इसलिए वे किसी भी प्रकार का उत्तरदायित्व नहीं लेते थे। सोनिया गान्धी परोक्ष रूप से सब कुछ करते हुए भी जनता और संसद के सामने अकर्त्ता थीं अतः उनके द्वारा उत्तरदायित्व लेने का प्रश्न ही नहीं उठता था। इस परकार यह देश ऐसे ही दस वर्षों तक सरकारी भुलभुलैयँ में डोलता रहा था।

विगत पाँच वर्षों में देश में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ सारे देश में चलाईं जा रही हैं। विश्व भर में भारत का मान उच्चतम आयामों को छू रहा है। देशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। आतंकवादी और देशद्रोही भयभीत हैं। देश की आर्थिक सम्पदा को लूटकर विदेश में भाग चुके अपराधियों को चुन चुन कर भारत लाकर सम्पत्ति वसूल की जा रही है। पद्म पुरस्कारों में चल रही बन्दरबाँट को समाप्त कर सारे देश से वास्तविक योग्यता लोगों को ढूँढ़ ढूँढ़ कर पुरस्कृत किया जा रहा है।

ऐसी इस लोकप्रिय एनडीए सरकार के नेता नरेन्द्र मोदी को हटाकर अपने लूट कार्यक्रम को चलाने के लिए सभी दल सरकार पर अधिकार करना चाहते हैं। इसी के लिए वे महागठबन्धन बनाने जैसे अनेक प्रयत्न कर रहे हैं।

देश की जनता को उनकी कुटिलता भरी चालों को समझना चाहिए और आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को स्पष्ट और अभूतपूर्व बहुमत के साथ पुनः एनडीए की सरकार बनाने का संकल्प कर लेना चाहिए।

गोवर्द्धन पटैरिया
०२.०२.२०१९

Leave a Reply